Site icon AapnoJodhpur

मलमास में क्या करें क्या ना करें, क्यों एक माह नहीं होंगे शुभ कार्य?

मलमास में क्या करें क्या ना करें, क्यों एक माह नहीं होंगे शुभ कार्य? what to do and not to do during malmas, why new work is not done during malmaas?

16 दिसंबर 2018 मार्गशीर्ष शुक्ल पक्ष की नवमी से मलमास शुरु हो जाएगा और 14 जनवरी 2019 पौष शुक्ल पक्ष की अष्टमी तिथि तक रहेगा। मलमास को खरमास भी कहा जाता है। मलमास में जप, तप, तीर्थ यात्रा, कथा श्रवण का बड़ा महत्व होता है।

सूर्य 16 दिसम्बर 2018 रविवार को प्रातः 9ः05 बजे धनु राशि में प्रवेश करेंगे। धनु संक्रांती के साथ धनु (खर) मास आरम्भ होगा और सूर्य 14 जनवरी 2019 को सायं 08:00 बजे मकर राशि में प्रवेश करेंगे। इसके साथ ही धनु (खर मास) की समाप्ति होगी।

हिन्दू धर्म में हर माह का अपना एक अलग और विशेष महत्व है, इसके अलावा शुभ-अशुभ जैसी बातों का भी विशेष ध्यान रखा जाता है।शास्त्रों में मलमास को श्रेष्ठ नहीं माना गया है, इसलिए जब तक मलमास चलते हैं, कोई भी शुभ कार्य नहीं किया जाता है।

खरमास में किसी भी शुभ काम की शुरुआत तो नहीं होती लेकिन धर्म-कर्म के लिए यह समय अतिउत्तम माना गया है। देवी भागवत में ऐसा वर्णन आया है कि खरमास में जो व्यक्ति धार्मिक नियमों का पालन करते हैं, उन्हें मोक्ष की प्राप्ति होती है। मलमास के दिनों में धार्मिक स्थलों की यात्रा करना, भागवत कथा का पाठ कराना शुभ माना जाता है।

सूर्य का राशि परिवर्तन समय

सूर्य का धनु राशि में प्रवेश का समय: रविवार, 16 दिसंबर, प्रात: 9.05 बजे
धनु राशि में कब तक रहेगा सूर्य: 14 जनवरी 2019, सोमवार रात्रि 8 बजे तक
सूर्य की स्थिति कब बदलेगी: सूर्य 14 जनवरी रात 7.52 बजे मकर राशि में प्रवेश करेंगे। इसके साथ मंगल कार्य शुरू हो जाएंगे।

ये पढ़ेंVivah Panchami 2018 महत्व: इसी दिन हुआ था भगवान श्रीराम और सीता माता का विवाह

मलमास मे क्यूँ नही होते शुभ व मांगलिक कार्य?

लोकाचार में यह मान्यता भी प्रचलन में है कि जब सूर्य देव गुरू बृहस्पति की राशियों में होते हैं तो अपने गुरू की राशि में होने के कारण सूर्य सामान्य रहते हैं तथा शुभ कार्यो में सहायक नहीं होते, इसलिए इस खर मास में शुभ कार्य नहीं किए जाते हैं।

वैदिक ज्योतिष में गुरु को समस्त शुभ कार्यों का प्रतिनिधि ग्रह माना गया है। ज्योतिष के अंतर्गत यह माना जाता है कि सभी शुभ कार्यों में गुरु का शुद्ध होना बेहद आवश्यक है। विवाह के लिए वर के सूर्य का बल और वधु के बृहस्पति का बल मिलना आवश्यक होता है। जब दोनों के चंद्र बल को भी मिलाया जाए तब ही शुभ मुहूर्त निकलता है।

अब जबकि सूर्य अत्याधिक तेज और ऊर्जा वाला होता है और जब सूर्य बृहस्पति की राशि धनु और मीन में गोचर करेगा तो इससे गुरु निस्तेज हो जाते हैं, उनका प्रभाव समाप्त हो जाता है। बृहस्पति का तेज कम पड़ जाएगा, वह कमजोर हो जाएंगे। इतना ही नहीं इसका प्रभाव स्वयं सूर्य पर भी पड़ता है। इन दोनों ही ग्रहों में कोई बल नहीं बचता तो ऐसे में यह समय विवाह जैसे शुभ कार्यों के लिए सही नहीं माना जाता।

शुभ कार्यों के लिए गुरु का पूर्ण बली अवस्था में होना आवश्यक है। इसलिए इस एक माह के दौरान शुभ कार्य करना वर्जित रहता है। खासकर विवाह तो बिलकुल नहीं किए जाते हैं क्योंकि विवाह के लिए सूर्य और गुरु दोनों को मजबूत होना चाहिए।

मलमास की पौराणिक कथा

पौराणिक ग्रंथों के अनुसार सूर्य देव 7 घोड़ों के रथ पर सवार होकर लगातार ब्रह्मांड की परिक्रमा करते रहते हैं। वो कभी कहीं नहीं रूकते हैं। लेकिन जो घोड़े उनके रथ में जुते होते हैं, वे लगातार चलने व विश्राम न मिलने के कारण भूख-प्यास से बहुत थक जाते हैं।

उनकी इस दयनीय दशा को देखकर सूर्य देव का मन भी द्रवित हो गया। भगवान सूर्य देव उन्हें एक तालाब किनारे ले गए लेकिन उन्हें तभी यह भी आभास हुआ कि अगर रथ रुका तो अनर्थ हो जाएगा। लेकिन घोड़ों का सौभाग्य कहिए कि तालाब के किनारे दो खर (गधे) मौजूद थे।

अब भगवान सूर्य देव घोड़ों को पानी पीने व विश्राम देने के लिए छोड़ देते हैं और गधों को अपने रथ में जोड़ लेते हैं। एेसा करने के कारण रथ की गति धीमी हो जाती है फिर भी जैसे-तैसे 1 मास का चक्र पूरा होता है, तब तक घोड़ों को भी विश्राम मिल चुका होता है। इस तरह यह क्रम चलता रहता है और हर सौरवर्ष में 1 सौरमास ‘खरमास’ कहलाता है।

यह भी पढ़ें: उत्पन्ना एकादशी व्रत व पूजा विधि, मुहूर्त, व्रत कथा एवं महत्व

मलमास में क्या करें?

मलमास में कौन से कार्य ना करें?

मलमास के दौरान सगाई, विवाह, नए घर में प्रवेश, वाहन खरीदना, मांगलिक कार्य, कोई भी नई वस्तु, यहां तक कि उत्तर भारत के कुछ राज्यों में तो खर मास के दौरान नया वस्त्र तक नहीं खरीदा जाता है। इस माह के दौरान घर का निर्माण कार्य भी प्रारंभ नहीं किया जाता है। ये कार्य पूर्णतया वर्जित –

Connect with us for all latest updates also through FacebookDo comment below for any more information or query on Malmaas.

Please follow and like us:

About the author

Exit mobile version