Suraj Rot Vrat Ki Kahani: सूरज रोट व्रत का सम्पूर्ण फल प्राप्त करने के लिए जानिए सूर्य भगवान व गणेश जी की कहानी

Suraj Rot Vrat Ki Kahani: सूरज रोट का व्रत होली तथा गणगौर के व्रत के बीच आने वाले रविवार को किया जाता है। सूरज रोट के व्रत में सूरज भगवान का पूजन किया जाता है। जों कोई इस सूरज रोटो रविवार का व्रत विधि विधान से करता हैं वह अपने जीवन में सभी सुखों को प्राप्त करता हैं। गणगौर […]

Grahan 2021: वर्ष 2021 में कितने सूर्य और चंद्र ग्रहण, किन देशों पर क्‍या प्रभाव? जानें दिन-तारीख, समय, प्रभाव क्षेत्र और धार्मिक मान्यता

Grahan 2021: वर्ष 2021 में कुल कितने ग्रहण लगने जा रहे हैं? इस बारे में लोगों की उत्सुकता अधिक है। वर्ष 2020 का आखिरी सूर्य ग्रहण 14 दिसंबर को लगने जा रहा है। साल का अंतिम सूर्य ग्रहण खंडग्रास है जो वृश्चिक राशि और ज्येष्ठा नक्षत्र में लगने जा रहा है। यह सूर्य ग्रहण दुनिया […]

Surya Grahan June 2020: जानें साल के पहले सूर्यग्रहण का समय, सूतक काल, प्रभाव और किन बातों का रखें ध्यान

Surya Grahan June 2020: इस साल के सबसे बड़े दिन 21 जून (रविवार) को वर्ष 2020 का पहला सूर्य ग्रहण (Solar Eclipse) पड़ने वाला है, जो की एक दुर्लभ खगोलीय घटना होगी। ज्योतिषियों की मानें तो आषाढ़ अमावस्या को पड़ने वाला यह वलयाकार (कंकणाकार) सूर्य ग्रहण होगा। इसके साथ ही यह ग्रहण सूर्य भगवान के दिन रविवार को […]

Surya Grahan 2019: जानें साल के आखिरी सूर्यग्रहण का समय, सूतक काल, प्रभाव और कौनसी बातों का रखें ध्यान

Surya Grahan 2019: इस 26 दिसंबर गुरुवार को वर्ष 2019 का अंतिम सूर्य ग्रहण पड़ने वाला है, जो की दशकों साल बाद एक बड़ा सूर्यग्रहण होगा। आपको यहां पर बता दें कि यह साल 2019 का तीसरा सूर्यग्रहण है, लेकिन पूर्ण सूर्यग्रहण के रूप में यह साल का पहला ग्रहण होगा। बताया जा रहा है […]

Mauni Amavasya 2026: क्यों रखा जाता है इस अमावस्या पर मौन? जानिये माघी अमावस्या का धार्मिक और आध्यात्मिक महत्व, पितृ दोष से मुक्ति उपाय

Mauni Amavasya 2026:  माघ महीने की अमावस्या को मौनी अमावस्या (माघी अमावस्या) के नाम से जाना जाता है। हिंदू पंचांग में इस अमावस्या को आध्यात्मिक शुद्धि और पितृ तृप्ति का विशेष पर्व माना जाता है। इस दिन दान पुण्य का विशेष महत्व होता है। इस दिन व्रती को मौन रखकर संयमपूर्वक व्रत करने का विधान […]

Shraaddh Vidhi: पितृपक्ष में कैसे करें श्राद्ध; जानिए पितृगण (पितरों) को तृप्त करने के लिए क्या करें, क्या ना करें?

Shraaddh Vidhi: पितरो के उद्देश्य से विधि पूर्वक जो कर्म श्रद्धा से किया जाता हैं, उसे श्राद्ध (Shraddh) कहते हैं। श्राद्ध का वर्णन मनुस्मृति आदि धर्मशास्त्रों ग्रंथो से प्राप्त किया जा सकता हैं। कर्मपुराण के अनुसार जो व्यक्ति शान्त मन होकर विधिपूर्वक श्राद्ध करता हैं, वह सभी पापों से रहित होकर मुक्ति को प्राप्त करता […]

Chandra Grahan 2025 भाद्रपद पूर्णिमा पर; जानिये ग्रहण का धार्मिक प्रभाव, सूतक के दौरान कौनसी बातों का रखें ध्यान, राशि अनुसार दान करने से मिलेगा लाभ

Chandra Grahan 2025:  7 सितंबर की रात आसमान में अद्भुत खगोलीय नजारा दिखेगा। इस साल का दूसरा और आखिरी चंद्रग्रहण भाद्रपद पूर्णिमा पर लगेगा। हिंदू धर्म में चंद्र ग्रहण बहुत महत्वपूर्ण माना गया है। यह एक खगोलीय घटना है, जिसका धार्मिक महत्व भी अधिक है। चंद्र ग्रहण 2025, 7 सितंबर रविवार की रात से शुरू होकर […]

Radha Ashtami 2025: राधा-कृष्ण का आशीर्वाद दिलाता है राधा अष्टमी पर्व; जानिए राधा रानी जन्म कथा, राधाष्टमी पूजन विधि, व्रत विधान और महत्व

Radha Ashtami 2025: राधा अष्‍टमी का पर्व, कृष्ण जन्माष्टमी के 15 दिन बाद भाद्रपद शुक्ल पक्ष की अष्टमी तिथि को मनाया जाता है। राधा अष्टमी (श्री राधाजी के प्राकट्य दिवस) के दिन राधा जी के साथ-साथ भगवान श्री कृष्ण की भी पूजा की जाती है। राधा जी और श्री कृष्ण के प्रेम को, एक आदर्श […]

Ganesh Chaturthi 2025: चंद्रमा के दर्शन करने से लगता हैं दोष; जानिए श्री गणेश स्‍थापना शुभ मुहूर्त, पूजा विधि, महत्‍व, और चन्द्र दर्शन दोष निवारण मन्त्र

Ganesh Chaturthi 2025: गणेश चतुर्थी भगवान गणेश के जन्मोत्सव के रूप में मनाया जाता है। भगवान गणेश सभी बाधाओं का निवारण करने वाले देव माने जाते हैं। देवताओं में प्रथम पूज्य हैं भगवान गणेश, वे ज्ञान, बल, बुद्धि और सौभाग्य के देवता हैं। गणेश चतुर्थी का पर्व भाद्रपद मास के शुक्ल पक्ष की चतुर्थी को मनाया […]

Bachh Baras 2025: क्यों मनाया जाता हैं बछ बारस का पर्व; जानिए गौवत्स द्वादशी पूजन विधि, बछ बारस पर्व के विशेष नियम, कथा, उद्यापन विधि और महत्व

Bachh Baras 2025: जन्माष्टमी के चार दिन पश्चात भाद्रपद महीने की कृष्ण पक्ष द्वादशी तिथि के दिन बछ बारस का पर्व मनाया जाता है। बछ बारस को गौवत्स द्वादशी, वत्स द्वादशी और बच्छ दुआ भी कहते हैं। इस दिन दूध देने वाली गौमाता और उसके बछड़े (गाय के छोटे बच्चे) की पूजा की जाती है। पुत्र की लंबी आयु के लिए […]