Grahan 2021: वर्ष 2021 में कुल कितने ग्रहण लगने जा रहे हैं? इस बारे में लोगों की उत्सुकता अधिक है। वर्ष 2020 का आखिरी सूर्य ग्रहण 14 दिसंबर को लगने जा रहा है। साल का अंतिम सूर्य ग्रहण खंडग्रास है जो वृश्चिक राशि और ज्येष्ठा नक्षत्र में लगने जा रहा है। यह सूर्य ग्रहण दुनिया के कई प्रमुख देशों में देखा जा सकेगा किंतु भारत में इसका प्रभाव नहीं पड़ रहा है। इसीलिए इस सूर्य ग्रहण के दौरान सूतक काल भी मान्य नहीं होगा।
साल 2021 शुरू होने में अब कुछ ही दिन रह गये है। नया वर्ष ग्रहण के लिहाज से भी बेहद खास रहने वाला है। शास्त्रोक्त मान्यताओं के अनुसार ग्रहण का लगना अशुभ माना जाता है। इसमें सूतक काल का विचार किया जाता है। जिसमें कई कार्यों को करना वर्जित माना जाता है।
ज्योतिष गणना के अनुसार नए वर्ष में कुल चार ग्रहण लगने जा रहे हैं, जिसमें दो चंद्र ग्रहण (Chandra grahan 2021) और दो सूर्य ग्रहण (Surya grahan 2021) लगने वाले हैं। आइए आपको बताते हैं कि ये चारों ग्रहण कब लगेंगे, किन देशों पर इनका सबसे ज्यादा असर होगा, ग्रहण का समय, भारत में इसका प्रभाव और ग्रहण के दौरान धार्मिक मान्यता के बारे मे…
Surya Grahan 2021
साल 2021 में दो सूर्य ग्रहण लगने वाले हैं। पहला सूर्य ग्रहण साल के मध्य में यानी जून और दूसरा सूर्य ग्रहण साल के अंत में यानी दिसंबर में लगेगा।
सूर्य ग्रहण उस घटना को कहते है, जब चंद्रमा, पृथ्वी और सूर्य तीनों एक सीधी रेखा में होते हैं और चंद्रमा पृथ्वी और सूर्य के बीच से होते हुए गुजरता है। आइए जानते हैं साल 2021 में सूर्य ग्रहण कब-कब और किस समय लगेंगे।
2021 का पहला सूर्य ग्रहण
वर्ष 2021 का प्रथम सूर्य ग्रहण 10 जून 2021 को लगेगा। इस सूर्य ग्रहण को उत्तरी अमेरिका के उत्तरी भाग, यूरोप, एशिया, उत्तरी कनाडा, ग्रीनलैंड, रूस में पूर्ण रूप से और एशिया में आंशिक में दिखाई देगा। यह वलयाकार सूर्य ग्रहण होगा। भारत में ये खंडग्रास होने के कारण भारत पर इसका प्रभाव नहीं पड़ेगा।
दिनांक – 10 जून
सूर्य ग्रहण का समय – 13:42 बजे से 18:41 बजे तक
दृश्य क्षेत्र – उत्तरी अमेरिका के उत्तरी भाग, यूरोप और एशिया में आंशिक व उत्तरी कनाडा, ग्रीनलैंड और रुस
2021 का दूसरा सूर्य ग्रहण
दूसरा सूर्य ग्रहण साल के आखिरी महीने 4 दिसंबर को लगेगा। यह पूर्ण सूर्य ग्रहण होगा। इस ग्रहण का अधिक प्रभाव अंटार्कटिका, दक्षिण अफ्रीका, अटलांटिक के दक्षिणी भाग, ऑस्ट्रेलिया और दक्षिण अमेरिका में अधिक प्रभाव देखने को मिलेगा। चूंकि भारत में इस सूर्य ग्रहण की दृश्यता शून्य होगी, इसलिए भारत में इसका सूतक काल भी प्रभावी नहीं होगा।
साल 2021 का दूसरा सूर्य ग्रहण
दिनांक – 04 दिसंबर
सूर्य ग्रहण का समय – 10:59 बजे से 15:07 बजे तक
दृश्य क्षेत्र – अंटार्कटिका, दक्षिण अफ्रीका, अटलांटिक के दक्षिणी भाग, ऑस्ट्रेलिया, दक्षिण अमेरिका
सूर्य ग्रहण का सूतक काल
साल 2021 में लगने वाले दोनों सूर्य ग्रहण भारत में दिखाई नहीं देंगे। इसलिए यहां पर ग्रहण का सूतक काल मान्य नहीं होगा। सूर्य ग्रहण में सूतक काल ग्रहण लगने से 12 घंटे पहले लग जाता है जो ग्रहण समाप्ति के साथ ही खत्म होता है।
Chandra Grahan 2021
जब चंद्रमा, पृथ्वी और सूर्य तीनों एक सीधी रेखा में आ जाते हैं तब चंद्र ग्रहण लगता है। सूर्य की सीधी रोशनी चंद्रमा पर नहीं पड़ती है बल्कि पृथ्वी की छाया चंद्रमा पर पड़ने लगती है। हम आपको बता रहे हैं 2021 में लगने वाले चंद्रग्रहण की जानकारी।
2021 का पहला चंद्र ग्रहण
वर्ष 2021 का पहला चंद्र ग्रहण बुधवार, 26 मई को लगेगा। ये ग्रहण भारतीय समयानुसार दोपहर करीब 02 बजकर 17 मिनट से शाम 07 बजकर 19 मिनट तक रहेगा। ये एक पूर्ण चंद्र ग्रहण होगा जो पूर्वी एशिया, ऑस्ट्रेलिया, प्रशांत महासागर और अमेरिका में पूर्ण चंद्र ग्रहण की तरह दृश्य होगा। भारत में ये महज एक उपच्छाया ग्रहण की तरह ही देखा जाएगा। भारत में इसका कोई प्रभाव नहीं पड़ेगा। इस चंद्र ग्रहण को उपच्छाया ग्रहण माना जा रहा है।
2021 का दूसरा चंद्र ग्रहण
वर्ष 2021 का दूसरा और आखिरी चंद्र ग्रहण शुक्रवार, 19 नवंबर को लगेगा। भारतीय समयानुसार चंद्र ग्रहण 11:32 बजे से प्रारंभ होगा और 17:33 बजे समाप्त होगा।
ये एक आंशिक चंद्र ग्रहण होगा जिसकी दृश्यता भारत, अमेरिका, उत्तरी यूरोप, पूर्वी एशिया, ऑस्ट्रेलिया और प्रशांत महासागर क्षेत्र में होगी। भारत में इस ग्रहण को भी उपच्छाया ग्रहण माना जा रहा है, इसलिए इसका प्रभाव भारत पर नहीं पड़ेगा।
2020 का आखिरी सूर्य ग्रहण
इस साल का आखिरी सूर्य ग्रहण 14 दिसंबर को लगने जा रहा है. यह साल का दूसरा और अंतिम सूर्य ग्रहण है. इस ग्रहण को खंडग्रास सूर्य ग्रहण माना जा रहा है. भारतीय समयानुसार ये ग्रहण शाम 07:03 से 15 दिसंबर को मध्यरात्रि यानी 12:23 मिनट तक रहेगा. सूर्य ग्रहण की अवधि 5 घंटे की रहेगी.
ग्रहण के दौरान धार्मिक मान्यता
ग्रहण को विज्ञान की नजर में महज एक खगोलीय घटना माना जाता है, लेकिन धार्मिक आस्था के अनुसार से यह एक अशुभ घटना होती है। शास्त्रोक्त मान्यताओं के अनुसार, ग्रहण के दिन सात्विक रहकर ईश्वर आराधना करना चाहिए। आइए जानते हैं धार्मिक मान्यता अनुसार सूर्य ग्रहण के दौरान आपको क्या करना चाहिए-
- कुंडली में दोष हो तो ग्रहण के समय व्याक्ति को बाहर नहीं निकलना चाहिए, खासकर जिनकी राशि में राहु-केतु का प्रभाव ज्यादा हो।
- ग्रहण काल में ब्रह्मचर्य का पालन करना चाहिए।
- इस समय बाल और नाखून नहीं काटना चाहिए। ग्रहण के दौरान और सूतक लगने के बाद शुभ कार्य भी नहीं किए जाने चाहिए।
- ग्रहण के समय तेल मालिश नहीं करनी चाहिए, ऐसा करने से त्वचा संबंधी परेशनियों का सामना करना पड़ सकता है।
- तुलसी को पत्ते को ग्रहण अवधि में तोड़ना या काटना अशुभ माना जाता है।
- ग्रहण काल में भोजन पकाने व खाने की मनाही होती है। मदिरा-पान या मांस-मछली खाना बहुत अशुभ माना जाता है। मान्यता है कि ग्रहण के दौरान जरूरत पड़ने पर बीमार या बच्चे केवल उन्हीं खानों का इस्तेाल कर सकते हैं जिस पर तुलसी पत्ता पहले से रखा गया हो।
- मशीनों का उपयोग और देवी-देवताओं की प्रतिमा को स्पर्श नहीं करने चाहिए। ग्रहण के दौरान मंदिरों के कपाट भी बंद रहते हैं।
- गर्भवती महिलाएं को ग्रहणकाल में विशेष सावधानी बरतना चाहिए। ग्रहण के समय नकारात्मक ऊर्जा का प्रभाव ज्यादा रहता है, इसलिए गर्भवती महिलाओं को घर से बाहर नहीं निकलना चाहिए।
- ग्रहण के दौरान गर्भवति महिलाओं को सब्जी काटने, कपड़े सिलना या किसी भी नुकीली चीज का इस्तेमाल नहीं करना चाहिए। गर्भवती महिलाओं को ग्रहण के दौरान भगवान का ध्यान करना चाहिए।
- धार्मिक मान्यताओं के अनुसार ग्रहण काल में मंत्र जप करना चाहिए।
- ग्रहण के बाद स्नान, दान और मंत्र जाप करना विशेष फलदायी रहेगा। जब ग्रहण समाप्त होता है तो गंगा जल से घरों, मंदिरों, मूर्तियों को शुद्ध किया जाता है ताकि उनके ऊपर से ग्रहण की अशुभ छाया दूर हो जाए।
वैज्ञानिकों के अनुसार ग्रहण के दौरान खाने-पीने, नहाने और बाहर जाने में कोई हानि नहीं है।
Grahan 2021
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(इस आलेख में दी गई Grahan 2021 की जानकारियां धार्मिक आस्थाओं, वैज्ञानिक मान्यताओं पर आधारित हैं, जिसे मात्र सामान्य जनरुचि को ध्यान में रखकर प्रस्तुत किया गया है।)




