Bachh Baras 2025: जन्माष्टमी के चार दिन पश्चात भाद्रपद महीने की कृष्ण पक्ष द्वादशी तिथि के दिन बछ बारस का पर्व मनाया जाता है। बछ बारस को गौवत्स द्वादशी, वत्स द्वादशी और बच्छ दुआ भी कहते हैं। इस दिन दूध देने वाली गौमाता और उसके बछड़े (गाय के छोटे बच्चे) की पूजा की जाती है। पुत्र की लंबी आयु के लिए […]

