Bachh Baras 2025: जन्माष्टमी के चार दिन पश्चात भाद्रपद महीने की कृष्ण पक्ष द्वादशी तिथि के दिन बछ बारस का पर्व मनाया जाता है। बछ बारस को गौवत्स द्वादशी, वत्स द्वादशी और बच्छ दुआ भी कहते हैं। इस दिन दूध देने वाली गौमाता और उसके बछड़े (गाय के छोटे बच्चे) की पूजा की जाती है। पुत्र की लंबी आयु के लिए […]
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Bachh Baras 2024: क्यों मनाया जाता हैं बछ बारस का पर्व; जानिए गौवत्स द्वादशी पूजन विधि, सामग्री, बछ बारस पर्व के विशेष नियम, कथा और महत्व
Bachh Baras 2024: जन्माष्टमी के चार दिन पश्चात भाद्रपद महीने की कृष्ण पक्ष द्वादशी तिथि के दिन बछ बारस का पर्व मनाया जाता है। बछ बारस को गौवत्स द्वादशी, वत्स द्वादशी और बच्छ दुआ भी कहते हैं। इस दिन गाय और उसके बछड़े (गाय के छोटे बच्चे) की पूजा की जाती है। इस दिन माताएं अपने पुत्रों को तिलक लगाकर तलाई […]
Devshayani Ekadashi 2024: क्यों भगवान विष्णु चार महीनो के लिए योग निद्रा में चले जाते हैं? जानिए देवशयनी एकादशी पूजा विधि, कथा और महत्व
Devshayani Ekadashi 2024: देवशयनी एकादशी का हिन्दू धर्म में विशेष महत्व है। भगवान विष्णु को समर्पित आषाढ़ महीने के शुक्लपक्ष एकादशी, 17 जुलाई, बुधवार के दिन है। देवशयनी एकादशी को आषाढ़ी एकादशी, पद्मा एकादशी और हरि शयनी एकादशी के नाम से भी जाना जाता है। मान्यता है कि इस एकादशी के दिन भगवान विष्णु क्षीरसागर में […]
Devshayani Ekadashi 2022: क्यों चार महीनो के लिए योग निद्रा में चले जाते हैं भगवान विष्णु? जानिए देवशयनी एकादशी पूजा विधि, कथा और महत्व
Devshayani Ekadashi 2022: देवशयनी एकादशी का हिन्दू धर्म में विशेष महत्व है। भगवान विष्णु को समर्पित आषाढ़ महीने के शुक्लपक्ष की एकादशी, 10 जुलाई, रविवार के दिन है। मान्यता है कि देवशयनी एकादशी के दिन भगवान विष्णु योग निद्रा के लिए पाताल लोक में चले जाते हैं। इसी वजह से इस एकादशी को देवशयनी एकादशी के […]










