Bachh Baras 2025: जन्माष्टमी के चार दिन पश्चात भाद्रपद महीने की कृष्ण पक्ष द्वादशी तिथि के दिन बछ बारस का पर्व मनाया जाता है। बछ बारस को गौवत्स द्वादशी, वत्स द्वादशी और बच्छ दुआ भी कहते हैं। इस दिन दूध देने वाली गौमाता और उसके बछड़े (गाय के छोटे बच्चे) की पूजा की जाती है। पुत्र की लंबी आयु के लिए […]
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Bachh Baras 2024: क्यों मनाया जाता हैं बछ बारस का पर्व; जानिए गौवत्स द्वादशी पूजन विधि, सामग्री, बछ बारस पर्व के विशेष नियम, कथा और महत्व
Bachh Baras 2024: जन्माष्टमी के चार दिन पश्चात भाद्रपद महीने की कृष्ण पक्ष द्वादशी तिथि के दिन बछ बारस का पर्व मनाया जाता है। बछ बारस को गौवत्स द्वादशी, वत्स द्वादशी और बच्छ दुआ भी कहते हैं। इस दिन गाय और उसके बछड़े (गाय के छोटे बच्चे) की पूजा की जाती है। इस दिन माताएं अपने पुत्रों को तिलक लगाकर तलाई […]
Bach Baras 2021: पुत्र की लंबी आयु की कामना का पर्व हैं बछ बारस; जानिए गोवत्स द्वादशी पूजा व उद्यापन विधि, पूजन सामग्री, कथा और महत्व
Bach Baras 2021: बछ बारस का पर्व जन्माष्टमी के चार दिन पश्चात भाद्रपद महीने के कृष्ण पक्ष की द्वादशी तिथि के दिन मनाया जाता है। इस दिन गाय और उसके बछड़े की पूजा की जाती है। बछ बारस को गौवत्स द्वादशी, वत्स द्वादशी और बच्छ दुआ भी कहते हैं। यह पर्व को मनाने का उद्देश्य गाय व बछड़े (गाय के छोटे बच्चे) का महत्त्व […]
Bach Baras 2020: पुत्र की लंबी आयु की कामना का पर्व हैं बछबारस; जानिए कथा, महत्व, पूजा व उद्यापन विधि और पूजन सामग्री
Bach Baras 2020: बछ बारस का पर्व जन्माष्टमी के चार दिन पश्चात भाद्रपद महीने के कृष्ण पक्ष की द्वादशी तिथि के दिन मनाया जाता है। इस दिन गाय और उसके बछड़े की पूजा की जाती है। बछ बारस को गौवत्स द्वादशी, वत्स द्वादशी और बच्छ दुआ भी कहते हैं। यह पर्व को मनाने का उद्देश्य गाय व बछड़े (गाय के छोटे बच्चे) का महत्त्व […]
Bachh Baaras 2019: बछ बारस महत्व, पूजा विधि, पूजन की सामग्री और कथा
Bachh Baaras 2019: बछ बारस का पर्व जन्माष्टमी के चार दिन पश्चात भाद्रपद महीने के कृष्ण पक्ष की द्वादशी तिथि के दिन मनाया जाता है| इस दिन गाय और उसके बछड़े की पूजा की जाती है। बछ बारस को गौवत्स द्वादशी, वत्स द्वादशी और बच्छ दुआ भी कहते हैं। यह पर्व को मनाने का उद्देश्य गाय व बछड़े (गाय के छोटे बच्चे) का महत्त्व समझाना है। […]
Bachh Baras 2018: बछ बारस महत्व, पूजन की सामग्री, पूजा व उद्यापन विधि और कथा
भारतीय धार्मिक शास्त्रों के अनुसार बछ बारस प्रतिवर्ष जन्माष्टमी के चार दिन पश्चात भाद्रपद महीने के कृष्ण पक्ष की द्वादशी के दिन मनाया जाता है| इस दिन गाय और बछड़े की पूजा की जाती है। बछ बारस Bachh Baras को गौवत्स द्वादशी और बच्छ दुआ bach dua भी कहते हैं। बछ यानि बछड़ा, गाय के छोटे बच्चे को कहते है, गोवत्स का मतलब […]





