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Chandra Grahan 2018: Century’s Longest Lunar Eclipse, जानें ग्रहण से जुड़ी सारी बातें

Chandra Grahan 2018 is a celestial treat for stargazers on this Friday, July 27. The longest and total lunar eclipse of the 21st century is set to occur on the intervening night of July 27-28, 2018, as the Moon moves into the shadow of the Earth. The total lunar eclipse, Chandra Grahan 2018 will last for one hour and 45 minutes, while the entire eclipse will last for about four hours.

A lunar eclipse occurs when the Moon falls under the Earth’s shadow by passing directly behind the Earth. This day will also be a Blood Moon, where the earth’s natural satellite i.e Moon takes on a reddish colour. During Chandra Grahan or lunar eclipse, the earth tends to block direct sunlight reaching the moon. The only light that reflects is refracted by the earth’s atmosphere; this light appears red in colour, which is why the moon during the total lunar eclipse is called Blood Moon.


While stargazers are excited to witness the Blood Moon, there are certain धार्मिक beliefs that have revolved around this phenomenon for centuries. In olden days, people were advised against consuming food or water during an eclipse and such beliefs were widely still followed by many. Here’s all you need to know about this celestial phenomenon.

27 जुलाई 2018 को लगनेवाला Chandra Grahan 2018 मध्य रात्रि में 11 बजकर 54 मिनट से प्रारंभ होगा। शास्त्रों के अनुसार,  चंद्रग्रहण से 9 घंटे पहले सूतक काल प्रारंभ हो जाता है, जबकि सूर्यग्रहण का सूतक 12 घंटे पहले लगता है।  27 जुलाई की मध्यरात्रि को पड़नेवाले चंद्रग्रहण का सूतक 27 जुलाई की दोपहर 2 बजकर 54 मिनट से लग जाएगा।

धार्मिक मान्यताओं के अनुसार सूतक समय को अशुभ मुहूर्त समय माना जाता है। जो भी धार्मिक कार्य करने हों, उन्हें सूतक काल लगने से पहले ही पूर्ण कर लें। इस दौरान कई कार्यों को करने की मनाही होती है। ग्रहण काल के दौरान कई कार्यों को करना बेहद शुभ माना जाता है।

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इस बार गुरु पूर्णिमा के दिन चंद्रग्रहण लग रहा है। यह एक दिव्य संयोग माना जा रहा है। इससे पूर्व 16 साल पहले वर्ष 2000 में ऐसा संयोग बना था। इस अवसर पर स्नान और दान-पुण्य का लाभ सामान्य दिनों के दान-पुण्य से कई गुना अधिक प्राप्त होगा। शास्त्रों के दिशानिर्देश के अनुसार, ग्रहण के मौके पर दान करने के लिए सबसे उत्तम समय, जब ग्रहण का मोक्ष काल समाप्त हो जाने के बाद है|

यानी ग्रहण समाप्त होने के बाद दान करना चाहिए। इस नियम के अनुसार, 27-28 जुलाई की रात को पड़नेवाले ग्रहण का समाप्ति काल 28 तारीख की सुबह 3 बजकर 49 मिनट पर है। ऐसे में सुबह स्नान के बाद ग्रहण का दान देना अति शुभ फलदायी होगा।

एक नजर में Chandra Grahan 2018 का समय

ग्रहण का स्पर्श कालः रात 11 बजकर 54 मिनट
खग्रास आरंभः रात 12 बजे
ग्रहण मध्यः 1 बजकर 52 मिनट
खग्रास समाप्तः 2 बजकर 43 मिनट
ग्रहण मोक्षः 3 बजकर 49 मिनट

ग्रहण काल में क्या करें

  • चंद्रग्रहण मकर राशि में लग रहा है। ग्रहण के अशुभ प्रभाव से बचने के लिए चंद्रमा के मंत्र- ‘ओम सोम सोमाय नमः’ का जितना हो सके जप करें।
  • महामृत्युंजय मंत्र और अपने ईष्टदेवता एवं राशि का मंत्र जपना भी शुभ रहेगा।
  • मकर राशि के देवता शनिदेव हैं इसलिए शनि के मंत्र ‘ओम प्रां प्रीं प्रों स: शनिश्चराय नम:’ का जप भी कर सकते हैं।

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ग्रहण के दौरान सावधानी

  1. Stop eating two hours before an eclipse. Eat easy to digest and light foods before and after eclipse. Turmeric can be added to the food for its antibacterial properties.
  2. Pregnant women and elderly may eat during the eclipse. However, they should eat light food like dry fruits and raisins to give them energy.
  3. Avoid non-vegetarian food because it takes very long to digest.
  4. ग्रहण के बाद पीने के पानी को बदल लेना चाहिए। अनेक वैज्ञानिक शोधों से भी यह सिद्ध हो चुका है कि ग्रहण के समय मनुष्य की पाचन शक्ति बहुत शिथिल हो जाती है। ऐसे में यदि उनके पेट में दूषित अन्न या पानी चला जाएगा तो उनके बीमार होने की संभावना बढ़ जाती है।
  5. ग्रहण काल के दौरान मल-मूत्र त्याग करने की मनाही है। लेकिन बच्चे, बूढ़े, बीमार और गर्भवती स्त्रियों के लिए यह नियम लागू नहीं होता है।
  6. गर्भवती स्त्रियों को ग्रहण काल घर से बाहर नहीं निकलना चाहिए। और उनको ग्रहण के दौरान कैंची और सुई जैसी नुकीली चीजों को प्रयोग नहीं करना चाहिए। मान्यता है कि ऐसा करने से होनेवाले बच्चे को नुकसान पहुंच सकता है।
  7. Darbha grass kept in food containers.
  8. जिन चीजों को फेंका नहीं जा सकता उन खाने पीने की चीजों में तुलसी की पत्ती डाल दें।

(Image Courtesy: सुरभि सलोनी)


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