The fourth avatar of Goddess Durga is Maa Kushmanda and is worshipped on the 4th tithi of Navratri i.e on October 12, 2018. This Year नवरात्रि के तीसरे दिन नवदुर्गा के चौथे स्वरूप माँ कूष्मांडा की उपासना की जा रही है| दरअसल, इस बार पहले दिन मां शैलपुत्री और मां ब्रह्मचारिणी की पूजा की गई और दूसरे […]
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तीसरा नवरात्र का महत्व- माँ चंद्रघंटा को प्रसन्न करने का मंत्र, पूजा विधि, भोग व आरती
माँ दुर्गा की नौ शक्तियों की तीसरी स्वरूप माँ चंद्रघंटा की नवरात्री के तीसरे दिन अर्चना की जाती है| Maa Chandraghanta is worshipped on the third tithi (day) of Navratri that is on October 11, 2018. माँ दुर्गा का तीसरा स्वरूप (अवतार) चंद्रघंटा हैं। अपने मस्तक पर घंटे के आकार के अर्धचन्द्र को धारण करने […]
Navratri 2018: तिथियां, घट स्थापना की विधि, शुभ मुहूर्त व नवरात्र का महत्व
10 अक्टूबर से शारदीय नवरात्रि (Shardiya Navratri 2018) शुरू हो रहे हैं। Navratri is made up of two words- ‘Nav’ meaning nine and ‘Ratri’ meaning night, and so the word ‘Navratri‘ means nine nights to celebrates the nine avatars of Goddess Durga. इस साल शरद नवरात्रि 2018 का शुभारंभ चित्रा नक्षत्र में मां जगदम्बे के नाव […]
मोक्षदायिनी सर्वपितृ अमावस्या का महत्व, मिलेगा समस्त पितरों का आशीष
सर्वपितृ अमावस्या के दिन ही सोमवती अमावस्या का महासंयोग बन रहा है यह अत्यंत सौभाग्यशाली संकेत है। 24 सितंबर 2018 से शुरू हुए पितृपक्ष का समापन 8 अक्टूबर 2018 के दिन आश्विन माह की कृष्ण अमावस्या को सर्वपितृ अमावस्या के साथ होगा। हिन्दू शास्त्रों के मुताबिक जो कोई अपने पितर (पितरों) का श्राद्ध पितृपक्ष में ना […]
Shraddh 2018 पितृपक्ष में श्राद्ध विधि: पितरों को खुश करने के लिए क्या करें और क्या ना करें ?
पितरो के उद्देश्य से विधि पूर्वक जो कर्म श्रद्धा से किया जाता हैं, उसे श्राद्ध (Shraddh) कहते हैं | This year Shraddh Paksh 2018 will be from September 24 (Monday) till October 8, 2018 (Monday). श्राद्ध का वर्णन मनुस्मृति आदि धर्मशास्त्रों ग्रंथो से प्राप्त किया जा सकता हैं | कर्मपुराण पुराण के अनुसार जो व्यक्ति शान्त मन होकर विधिपूर्वक श्राद्ध […]
Shraddh Paksh 2018 की तिथियां व महत्व – पूर्वजों को श्रद्धासुमन अर्पित करने का महापर्व
पूर्वजों को श्रद्धासुमन अर्पित करने का महापर्व है पितृपक्ष का श्राद्ध। भाद्रपद की शुल्क पक्ष की पूर्णिमा तिथि के दिन पितृ पक्ष यानि श्राद्ध पक्ष शुरू होते हैं। जो श्रद्धा से किया जाए उसे श्राद्ध कहा जाता है। भाद्रपक्ष की शुल्क पक्ष की पूर्णिमा तिथि से आश्विन कृष्ण पक्ष अमावस्या तक के समय को श्राद्ध कहते हैं। […]
Radha Ashtami 2018: राधाष्टमी शुभ मुहूर्त, पूजन व व्रत विधि, महत्व, कथा
Radha Ashtami, also known as Radha Jayanti, is celebrated to observe the birth of Goddess Radha, the consort of Lord Krishna. It is celebrated every year on Ashtami tithi of Shukla Paksha of Bhadrapada month. This year, Radha Ashtami 2018 will be celebrated on September 17. It is the birth anniversary of Goddess Radha. It is celebrated […]
Ganesh Chaturthi 2018: गणेश चतुर्थी का शुभ मुहूर्त, स्थापना व पूजा विधि, जन्म कथा और महत्व
Ganesh Chaturthi is a ten-day festival celebrated to mark the Lord Ganesha’s birthday. 10 दिन तक चलने वाला यह उत्सव गणेश चतुर्थी से शुरू होकर अनंत चतुर्दशी के दिन समाप्त होता है| गणेश चतुर्थी के दिन भक्त प्यारे बप्पा (Ganpati Bappa) की मूर्ति को घर लाकर उनका सत्कार करते हैं, फिर 10वें दिन यानी कि अनंत चतर्दशी […]
Baba Ramdev Jayanti ‘बाबा री बीज’ 2018 : रामदेव जी की कथा, पीर बनने का रहस्य
खम्मा खम्मा रुणिचे रा धनिया .. ( Khamma Khamma Runeche Ra Dhaniya.. ), devoted for the Baba Ramdev Ji, is one of famous and popular Bhajan not only in Rajasthan but in other places too. Baba Ramdev Jayanti, the birth tithi of Ramdev Ji, is celebrated every year in India by his devotees. It falls on Shukla […]
Bachh Baras 2018: बछ बारस महत्व, पूजन की सामग्री, पूजा व उद्यापन विधि और कथा
भारतीय धार्मिक शास्त्रों के अनुसार बछ बारस प्रतिवर्ष जन्माष्टमी के चार दिन पश्चात भाद्रपद महीने के कृष्ण पक्ष की द्वादशी के दिन मनाया जाता है| इस दिन गाय और बछड़े की पूजा की जाती है। बछ बारस Bachh Baras को गौवत्स द्वादशी और बच्छ दुआ bach dua भी कहते हैं। बछ यानि बछड़ा, गाय के छोटे बच्चे को कहते है, गोवत्स का मतलब […]










