Vijaya Ekadashi 2019: फाल्गुन मास की कृष्ण पक्ष को, 2 मार्च शनिवार को विजया एकादशी मनाई जाएगी। धर्म ग्रंथों के अनुसार जो व्यक्ति विजया एकादशी का व्रत करता है, उसे हर काम में विजय, सफलता मिलती है और हर परेशानियों से उसे छुटकारा मिलता है। विजया एकादशी 2019 पूजा का शुभ मुहूर्त, पूजन विधि और व्रत का महत्व।
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Vijaya Ekadashi 2019: विजया एकादशी व्रत का शुभ मुहूर्त, पूजन विधि और महत्व


Vijaya Ekadashi 2019: फाल्गुन महीने की कृष्ण पक्ष की एकादशी को विजया एकादशी कहते है। इस बार यह 2 मार्च, शनिवार को मनाई जाएगी। धर्म ग्रंथों के अनुसार जो व्यक्ति विजया एकादशी का व्रत करता है, उसे हर काम में विजय यानी सफलता मिलती है और हर परेशानियों से उसे छुटकारा मिलता है। इस दिन सर्वेश्वर भगवान विष्णु की पूजा-अर्चना और व्रत करने की परंपरा है।

नाम के अनुसार ही इस एकादशी का व्रत करने वाला सदा विजयी रहता है। ऐसी मान्यता है कि भगवान श्रीराम ने रावण से युद्ध करने के पूर्व समुद्र किनारे अपनी पूरी सेना के साथ इस व्रत को रखा था और लंका पर विजय हासिल की थी।


विजया एकादशी व्रत करने से इंसान की सभी मनोकामनाएं पूरी होती हैं और वह जीवन के हर क्षेत्र में आगे बढ़ता है। आइये जानते हैं विजया एकादशी व्रत पूजा का शुभ मुहूर्त, पूजन विधि और महत्व के बारे में-

Vijaya Ekadashi 2019 पूजा का शुभ मुहूर्त

दिनांक 02 मार्च शनिवार को-

  • दिन में 12:09 बजे से 12:57 तक
  • 02:27 pm से 03:15 pm तक
  • 06:05 pm से 06:30 pm तक

विजया एकादशी पारण मुहूर्त– दिनांक 03 मार्च 06:40 से 09 बजकर 05 मिनट प्रातः तक।

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विजया एकादशी का व्रत विधि

  • व्रत के एक दिन पहले (1 मार्च, शुक्रवार) शाम को सयंमपूर्वक भोजन करें और ब्रह्मचर्य का पालन करें।
  • विजया एकादशी के दिन सुबह सूर्योदय से पहले उठना चाहिए। स्नान के जल में गंगाजल मिलाकर नहाना चाहिए और स्‍वच्‍छ वस्‍त्र पहनकर  भगवान विष्णु की मूर्ति स्थापित करें।
  • पुष्प, चंदन, फूल, अबीर, गुलाल, चावल, तुलसी आदि से भगवान विष्णु की पूजा आराधना करें, जिससे कि समस्त दोषों का नाश हो और मनोकामनाएं पूर्ण हो सकें।
  • फल और अन्य पकवानों का भोग लगाएं। भोग में तुलसी के पत्ते जरूर डालें।
  • दिन भर कुछ खाएं नहीं, एक समय फलाहार कर सकते हैं। एकादशी व्रत 24 घंटों के लिये किया जाता है।
  • एकादशी के व्रत में घर में चावल नहीं बनना चाहिए तथा घर का वातावरण पूरा सात्विक रखना चाहिए।
  • श्री रामचरितमानस और श्री विष्णुसहस्त्रनाम का पाठ करना भी शुभ फलदायी है।
  • ब्राह्मणों और गरीबों को पीले रंग के वस्त्र, भोजन इत्यादि का दान देना चाहिए। दान करने से पूर्व इन्हें भगवान विष्णु काे अर्पित अवश्य करें। इससे आपके दान का पुण्य दोगुना हो जाएगा।
  • एकादशी के दिन, संध्याकाल में गाय के घी का दीपक तुलसी के समक्ष जलाएं। ऐसा करने से परिवार में सुख शांति आएगी।
  • पीपल के वृक्ष में भगवान विष्णु का वास होता है। एकादशी के दिन पीपल के वृक्ष की पूजा अवश्य करें।
  • पूरी रात्रि भगवान के भजन और संकीर्तन करें और मंत्रों का जाप  “ॐ नमो भगवते वासुदेवाय” करें।
  • अगले दिन द्वादशी पर (3 मार्च, रविवार) को भगवान विष्णु की पुन: पूजा करें और ब्राह्मणों को भोजन कराएं।
  • इसके बाद ब्राह्मणों को दान और दक्षिणा देकर सम्मान विदा करें। बाद में स्वयं भोजन कर व्रत पूर्ण करें।

विजया एकादशी व्रत के विषय में मान्यता है कि इसको करने से स्वर्ण दान, भूमि दान, अन्नदान और गौदान से अधिक पुण्य फल की प्राप्ति होती है। इस तरह विधि-विधान से व्रत करने से हर काम में सफलता मिलती है। श्रद्धा तथा समर्पण पूर्वक व्रत तथा पूजा से भगवान विष्णु प्रसन्न होते हैं तथा मनोवांछित फल की प्राप्ति करवाते हैं।

विजया एकादशी व्रत का महत्व

  •  इस व्रत के विषय में पद्म पुराण और स्कन्द पुराण में वर्णन मिलता है। कहा जाता है कि जब जातक शत्रुओं से घिरा हो तब विकट से विकट परिस्थिति में भी विजया एकादशी के व्रत से सफलता सुनिश्चित की जा सकती है।
  • विजया एकादशी के महात्म्य के पठन व श्रवण मात्र से ही व्यक्ति के समस्त पापों का विनाश हो जाता है। साथ ही आत्मबल बढ़ जाता है।
  • विजया एकादशी व्रत करने से जीवन में शुभ कर्मों में वृद्धि, मनोवांछित फलों की प्राप्ति होती है और कष्टों का नाश होता है। जो भी साधक इस एकादशी का व्रत विधि विधान और सच्चे मन से करता है, वह भगवान विष्णु का कृपापात्र बन जाता है।
  • एकादशी व्रत करने से व्यक्ति के शुभ फलों में वृद्धि होती है तथा अशुभता का नाश होता है। सभी एकादशी अपने नाम के अनुरुप फल देती है।
  • पद्मपुराण के अनुसार विजया एकादशी के व्रत से धन-धान्य का लाभ और मोक्ष की प्राप्ति होती है। कठिन तपस्या से आप जितना फल प्राप्त कर सकते हैं, उतना ही पुण्यफल आप विजया एकदाशी का व्रत करने से कर सकते हैं। व्रतधारी को बैकुंठ धाम की प्राप्ती होती है।

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Vijaya Ekadashi 2019 की हार्दिक शुभकामनाएं !!

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(इस आलेख में दी गई Vijaya Ekadashi 2019 की जानकारियां धार्मिक आस्थाओं और लौकिक मान्यताओं पर आधारित हैं।)

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