International Yoga Day on 21 June, जानिए अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस से जुड़ी खास बातें - योग दिवस मनाने का उद्देश्य, योग दिवस की शुरुआत, योग दिवस 21 जून को ही क्यों, योग दिवस का इतिहास, शांत मन और खाली पेट से करें योग, योग के फायदे. रांची में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ 50 हजार लोग योग करेंगे।
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International Yoga Day on 21 June, जानिए अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस से जुड़ी खास बातें


अंतरराष्ट्रीय योग दिवस (International Yoga Day 2019) को लेकर भारत समेत दुनिया के कई देशों में तैयारियां शुरू हो गई हैं। विश्व के कई देशों में, अमेरिका हो या चीन या फिर कोई अन्य देश, आगामी 21 जून को International Yoga Day मनाया जाएगा। भारत में अंतरराष्ट्रीय योग दिवस के अवसर पर 21 जून को धुर्वा (रांची) के प्रभात तारा मैदान में आयोजित होने वाले मुख्य कार्यक्रम में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ 50 हजार लोग योग करेंगे। राजस्थान मे इस बार राज्य स्तरीय समारोह 21 जून को पटेल स्टेडियम अजमेर में सुबह 8 बजे से मनाया जाएगा।

योग का प्रयोग आंतरिक विज्ञान के रूप में भी किया जाता है, इसके माध्यम से मनुष्य शरीर एवं मन के बीच सामंजस्य स्थापित कर आत्म साक्षात्कार करता है। योग शरीर को स्वस्थनिरोग बनाता है। योग अभ्यास का उद्देश्य सभी त्रिविध प्रकार के दुखों से आत्यन्तिक निवृति प्राप्त करना है।


स्वस्थ जीवन जीने की कला को ही योग कहते हैं। साल 2019 में 5 वां अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस मनाया जाएगा। योग शब्द संस्कृत भाषा के युज (yuj) से लिया गया है जिसका अर्थ है एक साथ जुड़नामन-मस्तिष्क एवं शरीर पर नियंत्रण रखने एवं खुशहाल जीवन के लिए योग काफी लोकप्रिय है।

योग दिवस मनाने का उद्देश्य

योग दिवस मनाने का मुख्य उद्देश्य भारत के प्राचीन योगाभ्यास को नयी पीढ़ी के युवाओं के बीच लोकप्रिय बनाना एवं योग के फायदों के बारे में जागरूक करना है। जिससे लोग अपने तनाव (Stress, Depression) से प्राकृतिक तरीके से छुटकारा पा सकें।

अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस मनाने का उद्देश्य विभिन्न देश, भाषा, धर्म एवं पृष्ठभूमि के लोगों को एक मंच पर लाकर विश्व शांति सद्‍भाव कायम करना है। साथ ही योग की तरफ लोगों का ध्यान आकर्षित करना, लोगों को प्रकृति से जोड़ना, योग से होने वाले फायदों के बारे में बताना, आदि योग दिवस के मुख्य उद्देश्य हैं।

How International Yoga Day Started?

आंतरराष्ट्रीय योग दिवस की शुरुआत साल 2014 में हुई और इसे संयुक्त राष्ट्र की घोषणा के बाद वर्ष 2015 से हर साल 21 जून को विश्व योग दिवस (International Yoga Day) के रूप में मनाया जाने लगा है। 27 सितंबर 2014 को भारत के प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने संयुक्त राष्ट्र महासभा में अपने भाषण के दौरान दुनियाभर में योग दिवस मनाने का प्रस्ताव पेश किया था।

संयुक्त राष्ट्र महासभा ने प्रस्ताव आने के मात्र तीन माह के भीतर ही 11 दिसंबर 2014 को ऐलान कर दिया कि 21 जून का दिन दुनिया में योग दिवस के रूप में मनाया जाएगा। अंतरराष्ट्रीय योग दिवस की घोषणा भारत के लिए एक महान क्षण था। यह दुनियाभर के लोगों के शारीरिक और मानसिक स्वास्थ्य तथा आध्यात्मिक संतोष के विकास का अनुपम अवसर था।

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अंतरराष्ट्रीय योग दिवस के आयोजन का दुनिया के लगभग सभी देशों ने समर्थन किया। दुनिया के 170 से ज्यादा देशों के लोग 21 जून को विश्व योग दिवस के रूप में मनाते हैं और योग को अपनी दिनचर्या का हिस्सा बनाने का संकल्प लेते हैं। आयुष मंत्रालय एवं भारत सरकार इसकी Nodal Agency है और यह दोनों मिलकर अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस के दिन विभिन्न कार्यक्रमों का संचालन करती हैं।

Why International Yoga Day on 21st June?

Prime Minister Narendra Modi propose 21st June as International Yoga Day with some specific reason, which was later accepted and finalised by others. दरअसल यह दिन उत्तरी गोलार्द्ध का सबसे लंबा दिन है, जिसे ग्रीष्म संक्रांति भी कह सकते हैं। भारतीय संस्कृति के दृष्टिकोण से, ग्रीष्म संक्रांति के बाद सूर्य दक्षिणायन हो जाता है और सूर्य के दक्षिणायन का समय आध्यात्मिक सिद्धियां प्राप्त करने में बहुत लाभकारी है।

योग  का इतिहास

भारत में योग का इतिहास लगभग 5000 साल पुराना है और मानसिक, शारीरिक एवं आध्यात्म के रूप में लोग प्राचीन काल से ही इसका अभ्यास करते आ रहे हैं। Yoga was originated firstly in India only and later it got popular in rest of the world.

पूर्व वैदिक काल (2700 ईसा पूर्व) में एवं इसके बाद पतंजलि काल तक योग की मौजूदगी के ऐतिहासिक साक्ष्‍य देखे गए। योग की प्रथाओं तथा संबंधित साहित्‍य के बारे में सूचना –  वेदों (4), उपनिषदों (18), स्‍मृतियों, बौद्ध धर्म, जैन धर्म, पाणिनी, महाकाव्‍यों (2) के उपदेशों, पुराणों (18) आदि में उपलब्‍ध हैं।

ऐसा माना जाता है कि जब से सभ्‍यता शुरू हुई है तभी से योग किया जा रहा है। योग के विज्ञान की उत्‍पत्ति हजारों साल पहले हुई थी, पहले धर्मों या आस्‍था के जन्‍म लेने से काफी पहले हुई थी। योग विद्या में शिव को पहले योगी या आदि योगी तथा आदि गुरू के रूप में माना जाता है।

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भगवान शिव के बाद ऋषि-मुनियों ने योग को न सिर्फ लोकप्रिय बनाया बल्कि विश्वभर में योग को एक स्थान दिलाया। सूर्य नमस्कार, कपालभाति, अनुलोम-विलोम सहित कई ऐसे योगासन एवं ध्यान का अभ्यास तन को स्वस्थ रखने एवं मस्तिष्क को शांत रखने के लिए किया जाता है।

योग कब करें ?

योग शांत मन और खाली पेट के साथ करना चाहिए। हालांकि अल्पाहार (light Breakfast) को भी स्वीकार्य बताया गया है। योग करते वक्त हल्का और आरामदेह सूती (Cotton) कपड़ा पहनना चाहिए। शरीर या इसके किसी हिस्से में दर्द होने तथा बीमार रहने पर योग नहीं करना चाहिए।

गर्भवती महिलाओं को तथा मासिक धर्म के दौरान योग करने से पहले योग विशेषज्ञ की सलाह लेनी चाहिए। योग करने के बाद यदि कमजोरी महसूस हो, तो गुनगुने पानी में शहद मिलाकर पिया जा सकता है। योग सत्र के कम से कम 20 से 30 मिनट के बाद ही स्नान करना चाहिए। करीब इतने ही वक्त के बाद कुछ खाने की भी सलाह दी जाती है।

योग के फायदे

  • प्रतिदिन योग का अभ्यास करने से blood circulation बेहतर होता है जिससे शरीर के अंग भी उत्तेजित होते हैं। जिससे व्यक्ति को मानसिक शांति मिलती है। शरीर लचीला बनता है एवं मांसपेशियां भी मजबूत होती हैं।
  • प्रतिदिन योग करने से शरीर को सही आकार मिलता है एवं रीढ़ की हड्डी भी लचीली बनती है जिसके कारण अर्थराइटिस की समस्या नहीं होती है। साथ ही Immune System बेहतर होता है। शरीर में सकारात्मक ऊर्जा (Positive Energy) का प्रवाह होता है एवं मन प्रसन्न रहता है।
  • योग करने से आत्मकेंद्रित होने की क्षमता बढ़ती है एवं Stress, Depression, Migrain, चिंता से मुक्ति मिलती है। साथ ही High Blood Pressure (BP) और हृदय रोगों की संभावना कम होती है। इसके अलावा बुखार एवं Alergy की समस्या नहीं होती है।
  • जिसको रात में नींद नहीं आती उसके लिए योग बहुत फायदेमंद होता है। योग करने से अनिद्रा की समस्या दूर हो जाती है, वजन एवं पेट की चर्बी भी कम होने में मदद मिलती है।
  • प्रतिदिन योग करने से Acidity, Asthama, बालों का टूटना, दृष्टि कमजोर होना एवं किडनी की समस्या सहित विभिन्न रोग दूर हो जाते हैं। इसके अलावे भी योग के बहुत फायदे है।

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योग धर्म नहीं, एक विज्ञान है,

शरीर, मन और आत्मा को जोड़ने का विज्ञान।

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